Tuesday, 10 September 2019

सीधी: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह "राहुल" के दौरे की तैयारी बैठक संपन्न।


सीधी: पूर्व नेता प्रतिपक्ष के दौरे की तैयारी बैठक संपन्न, सीधी पूर्व नेता प्रतिपक्ष 13 सितंबर को हडबड़ों में कार्यकर्ता सम्मेलन ले रहे हैं, तथा उसी दिन शाम 4:00 बजे कांग्रेस भवन में सदस्यता अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। आज तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह बाबा ने कहा कि हमें अब संगठन को मजबूत करने और सदस्यता अभियान को बढ़ाने का समय आ गया है और सभी लोग मिलजुलकर कांग्रेस पार्टी को मजबूत बनाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने कहा कि सदस्यता अभियान और कार्यकर्ता सम्मेलन आज के समय की जरूरत है, और सभी को मिलजुलकर पार्टी को मजबूत बनाना है पूर्व अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी आनंद सिंह चौहान ने भी इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनसे अपील की कि पार्टी को मजबूत बनाएं और सदस्यता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले , आज की बैठक में उपस्थित प्रमुख कांग्रेसजनों में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह भदौरिया,संगठन महामंत्री सुरेश प्रताप सिंह जी,आनंद सिंह शेरगाँव,महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती बसंती देवी कोल,आनंदमंगल सिंह,आईटी सेल के जिला अध्यक्ष पंकज सिंह,किसान कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष पंकज सिंह चौहान सेवा दल के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह साथ ही बड़ी संख्या में अरविन्द तिवारी,गणेश द्विवेदी सहित कांग्रेस कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।

क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया से 'नाराज' हैं सोनिया गांधी ? मिलने के लिए नहीं दिया वक़्त।


भोपाल : ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की मंगलवार को दिल्ली में मुलाकात होनी थी। लेकिन पहले से प्रस्तावित यह मुलाकात अब टल गई है। अब दोनों के बीच कब मुलाकात होगी, इसकी कोई जानकारी नहीं आई है। लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली में प्रस्तावित अन्य बैठकों में हिस्सा लेंगे। कांग्रेस मुख्यालय स्थित वार रूम में महाराष्ट्र कांग्रेस कमिटी के साथ बैठक है।

बता दें मध्य प्रदेश कांग्रेस में घमासान मचा है. मध्य प्रदेश कांग्रेस की कलह पार्टी हाईकमान के लिए चिंता का सबब बनी हुई है. कुछ दिनों पहले सोनिया ने प्रदेश नेताओं को निर्देश दिया था कि अगर किसी को किसी भी नेता या सरकार से कोई दिक्कत है तो वो पार्टी के अंदर उचित फोरम पर उठाए,उसकी समस्या का निदान ज़रूर होगा. अगर उचित फोरम बात न सुनी जाए तो पार्टी अध्यक्ष को भी मामलों से अवगत करा सकते हैं. सोनिया गांधी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी चर्चा की है. 

नाराज हैं सोनिया गांधी? मध्यप्रदेश कांग्रेस में जो कुछ भी चल रहा है, उससे सोनिया गांधी बेहद ही नाराज हैं। पिछले दिनों जब मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने उनसे मुलाकात की थी तो उन्होंने कहा था कि सोनिया गांधी पूरे प्रकरण से बेहद ही खफा है। ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के लोगों ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनवाने के लिए खूब तिकड़मबाजी की। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस पूरे प्रकरण में सिंधिया का भी नाम है और इस कारण सोनिया गांधी उनसे नाराज हैं।

राज्य में लगभग डेढ़ दशक बाद सत्ता में आई कांग्रेस नए अध्यक्ष की तलाश कर रही है. प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ वर्तमान में मुख्यमंत्री भी हैं और वे विधानसभा चुनाव के बाद से कई बार पार्टी हाईकमान के सामने नया अध्यक्ष बनाने का अनुरोध कर चुके हैं. इतना ही नहीं, वह अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश भी कर चुके हैं. इसके बाद से ही नए अध्यक्ष को लेकर पार्टी में मंथन का दौर जारी है.

कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान का ही नतीजा है कि एक साथ 10 से ज्यादा नेताओं के नाम पार्टी अध्यक्ष की दौड़ में शामिल हो गए हैं. इनमें प्रमुख रूप से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व मंत्री मुकेश नायक, वर्तमान मंत्री उमंग सिंघार के नाम शामिल हैं. इसके अलावा ओमकार सिंह, सज्जन वर्मा, बाला बच्चन, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और पूर्व महिला अध्यक्ष शोभा ओझा के नाम की चर्चा भी जोरों पर है.

Monday, 9 September 2019

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह "राहुल भैया" के मुख्य अतिथि में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन 13 सितंबर को हडबड़ों में आयोजित।


सीधी : मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह" राहुल भैया" के मुख्य अतिथि में  कांग्रेस पार्टी का बृहद कार्यकर्ता सम्मेलन दिनांक 13 सितंबर  दिन शुक्रवार को दोपहर 1:00 बजे से ग्राम हडबड़ो( गांधीग्राम) मे  आयोजित किया गया है।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री रुद्र प्रताप सिंह बाबा ने जानकारी देते हुए बताया कि कांग्रेस पार्टी का बृहत कार्यकर्ता सम्मेलन दिनांक 13 सितंबर को दोपहर 1:00 बजे से ग्राम हड़बड़ो मे पशु औषधालय के समक्ष  निर्धारित किया गया है।बृहद कार्यकर्ता सम्मेलन के मुख्य अतिथि  मध्यप्रदेश विधानसभा के  पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह राहुल होंगे ।
जिला अध्यक्ष श्री रुद्र प्रताप सिंह बाबा ने उक्त कार्यक्रम को सफल एवं प्रभावी बनाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी के समस्त पदाधिकारियों ब्लॉक मंडलम एवं सेक्टर कांग्रेस कमेटियों के सभी पदाधिकारियों मोर्चा संगठनों किसान कांग्रेस महिला कांग्रेस युवा कांग्रेस सेवादल एनएसयूआई एवं कांग्रेश पक्ष के समस्त वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों से  अधिक से अधिक साथियों के साथ निर्धारित समय एवं स्थान में आवश्यक रूप से पहुंचने की अपील की है।
                 

सीधी: युवा कांग्रेस अध्यक्षा एडवोकेट रंजना मिश्रा, ब्राह्मण रत्न अलंकरण सम्मान से सम्मानित।


सीधी / उज्जैन: सीधी के युवाओं की प्रेरणास्रोत तथा महिला सशक्तिकरण की पर्याय बन चुकी युवा कांग्रेस सीधी की अध्यक्षा एडवोकेट रंजना मिश्रा, कमलनाथ सरकार के मंत्री पीसी शर्मा द्वारा ब्राह्मण रत्न अलंकरण सम्मान से सम्मानित।
यह सम्मान अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज संगठन के तत्वाधान मे दिया जाता है।

बता दें की एडवोकेट रंजना मिश्रा सीधी की राजनीती और समाजसेवीयों में एक जाना पहचाना नाम है, जनता की हक की लड़ाई वो हमेशा ही लड़ती आ रही है।
पिछले भाजपा सरकार के समय वो सीधी मे विपक्ष की भूमिका को बखूबी निभाया था, यहां तक की चुरहट बाजार की खस्ताहाल सड़क निर्माड़ के लिये वो आमरण अंसन तक मे बैठ गयी थी।
अभी हाल मे ही एनीमिया से प्रभावित बच्चों के लिये जिला अस्पताल सीधी मे तत्कालीन कलेक्टर अभिषेक सिंह के आह्वाहन पर उन्होने अपने साथ साथ संगठन के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ रक्तदान कर बीमार बच्चों को स्वस्थ होनें के लिये एक महती भूमिका अदा की थी।
एडवोकेट रंजना मिश्रा के सम्मानित होने से चारों तरफ खुशी का माहौल है, साथ ही सभी चाहनें वाले उनको बधाई प्रेषित कर रहें, सीधी CHRONICLE भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।


मंत्री कमलेश्वर पटेल को जिनकी पत्रकारिता पर सवाल था , उन्ही को मंत्री पीसी शर्मा द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारिता का सम्मान।


सीधी / उज्जैन: मध्यप्रदेश के उज्जैन में आयोजित अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के ब्राह्मण रत्न सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ब्राह्मणों को प्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा ने रविवार को सम्मानित किया। विंध्य क्षेत्र से उत्कृष्ट पत्रकारिता को लेकर पत्रकार कनिष्क तिवारी, युवा अध्यक्ष श्रमजीवी पत्रकार संघ सीधी को ब्राह्मण रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। 
गौरतलब है की पत्रकार कनिष्क तिवारी विगत 5 सालों से पत्रकारिता से जुड़े हुए है। उनके द्वारा जनसमस्याओं को काफी मुखरता के साथ उठाया जाता रहा है।

अब इसे एक महज संयोग कहें या कुछ और, क्युकी दो दिन पहले ही सीधी दौरे पर आये कमलनाथ सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने, पत्रकार कनिष्क तिवारी की पत्रकारिता पर सवालिया निशान लगाया था, साथ ही पत्रकार कनिष्क तिवारी ने भी मंत्री श्री पटेल पर पत्रकारों से बद्सलूकी का गंभीर आरोप लगाया था। यहां तक की सीधी पत्रकारिता जगत के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने भी कनिष्क तिवारी की पत्रकारिता पर सवाल किया था तथा उनके द्वारा मंत्री श्री पटेल पर लगाये गये आरोप को बेबुनियाद बताया था, इसके साथ कुछ मंत्री समर्थकों ने पत्रकार कनिष्क तिवारी से घटना का सबूत देने के साथ साथ मानहानि के दावे की बात कही थी। हला की बाद मे मंत्री श्री पटेल ने सर्किट हाउस मे पत्रकारों से बात करते हुये पत्रकार कनिष्क तिवारी द्वारा लगाये गये आरोपों को निराधार बताते हुये उनकी छबि को धूमिल करने का प्रयास बताया था। इसके जवाब मे पत्रकार कनिष्क तिवारी ने भी मन्त्री श्री पटेल के नाम एक भावुक पत्र लिखा था।
अब उक्त घटना के महज दो दिन बाद ही मंत्री कमलेश्वर पटेल के ही साथी मंत्री श्री पीसी शर्मा द्वारा पत्रकार कनिष्क तिवारी को उत्कृष्ट पत्रकारिता से सम्मानित करना, सीधी पत्रकारिता जगत के लिये काफी हर्ष और खुसी का विषय है, जिसको लेकर सीधी के सभी वरिष्ठ पत्रकारों ने खुशी व्यक्त करते हुये कनिष्क तिवारी को बधाई प्रेषित करी है।

Sunday, 8 September 2019

सोनिया गांधी ने 12 सितंबर को कमलनाथ और सिंधिया को दिल्ली बुलाया, PCC चीफ़ का नाम हो सकता है फ़ाइनल।


नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद को लेकर जमकर घमासान मचा हुआ है. पार्टी नेता एकदूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी भी हो रही है. अब यह मामला कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी तक पहुंच गया है. सोनिया गांधी ने मध्य प्रदेश के नए अध्यक्ष का फैसला करने के लिए 12 सितंबर को दिल्ली में बैठक बुलाई है. सोनिया ने कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली बुलाया है. माना जा रहा है कि इन दोनों ही नेताओं की सोनिया गांधी के साथ बैठक होगी और इसमें नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर विचार होगा. 

सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी चाहती हैं कि जो भी नया अध्यक्ष बने वह कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की सहमति से ही बने. उससे पहले 10 सितंबर को ज्योतिरादित्य सिंधिया की सोनिया गांधी से मुलाकात होनी है जिसमें वह प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अपनी पसंद-नापसंद बताएंगे.

सिंधिया खुद भी प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में है लेकिन दिग्विजय सिंह , पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का नाम आगे बढ़ाया है, प्राप्त जानकारी के अनुसार कमलनाथ भी अजय सिंह के नाम पर सहमत हैं ।

कमलनाथ सरकार के मंत्री जीतू पटवारी और तुलसी सिलावट से बंद कमरे में मिले दिग्विजय सिंह, कयासों का दौर शुरू।


इंदौर। ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक कांग्रेस नेता एवं स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुलाकात की। करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी भी साथ थे। बता दें कि पिछले दिनों सिंधिया गुट के 2 विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के बेटे को टारगेट किया था। कहा था कि वो बिना पैसे लिए कोई काम नहीं करता। विधायकों की भी सुनवाई नहीं होती। 

कयासों का दौर शुरू।

एसजीएसआईटीएस के स्वर्ण द्वार के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के बाद तीनों नेताओं व नगर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के बीच बंद कमरे में चर्चा हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं को बाहर भेज दिया गया। 25 सितंबर को ज्योतिरादित्य सिंधिया का इंदौर दौरा और वर्तमान विवाद के दौरान हुई इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। 

बाहर निकले दिग्विजय सिंह मुस्कुराकर चल दिए।

चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने दो बार किसी से फोन पर भी बात की। बाहर आने पर मीडिया ने बात करना चाही तो वे मुस्कुराकर चल दिए। उनके पीछे आए पटवारी भी बगैर जवाब दिए चले गए। आखिर में सिलावट ने अपने विभाग से जुड़े सवालों के जवाब दिए, मगर बैठक के बारे में पूछने से पहले ही उठकर जाने लगे और कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता के साथ चाय का आनंद लेने आए थे।

वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन।


सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 वर्ष की उम्र में रविवार को उनके दिल्ली स्थित आवास पर निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। जेठमलानी की गिनती देश के मशहूर आपराधिक मामलों के वकीलों में होती थी। वह राष्ट्रीय जनता दल से वर्तमान में राज्यसभा सांसद थे। उन्हें राजद ने 2016 में राज्यसभा भेजा था। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कानून मंत्री का पदभार संभाला था। उनके निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने शोक व्यक्त किया है।

दो बार मुंबई लोकसभा सीट से भाजपा सांसद चुने गए। हालांकि 2004 में उन्होंने अटल बिहारी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। उनका जन्म पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 14 सितंबर 1923 को हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया था। वह कोर्ट में बिना माइक के जिरह किया करते थे। वह अपने मुकदमों के अलावा अपने बयानों के कारण भी अक्सर चर्चा में रहते थे।

आज शाम को लोधी रोड पर होगा अंतिम संस्कार
जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने बताया कि जेठमलानी ने नई दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास में सुबह पौने आठ बजे अंतिम सांस ली। महेश और उनके अन्य निकट संबंधियों ने बताया कि उनकी तबियत कुछ महीनों से ठीक नहीं थी। उनके बेटे ने बताया कि कुछ दिन बाद 14 सितंबर को राम जेठमलानी का 96वां जन्मदिन आने वाला था। महेश ने बताया कि उनके पिता का अंतिम सरकार यहां लोधी रोड स्थित शवदाहगृह में शाम को किया जाएगा।

राष्ट्रपति ने जाताया शोक
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जेठमलानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, 'पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक अनुभवी वकील श्री राम जेठमलानी के निधन से दुखी हूं। वह अपनी विशिष्ट वाक्पटुता के साथ सार्वजनिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जाने जाते थे। राष्ट्र ने एक प्रतिष्ठित न्यायविद्, विद्वान और बुद्धिमान व्यक्ति खो दिया।'

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ट वकील को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'राम जेठमलानी के सबसे अच्छे पहलुओं में से एक उनकी अपने मन की बात कहने की क्षमता थी। वह ऐसा बिना किसी डर के करते थे। आपातकाल के काले दिनों के दौरान उन्हें   स्वतंत्रता और लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए याद किया जाएगा। जरूरतमंदों की मदद करना उनके व्यक्तित्व का एक अभिन्न हिस्सा था। मैं खुद के भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे उनसे मुलाकात करने के कई मौके मिले। इस दुखद क्षण में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और प्रियजनों के साथ हैं। वह बेशक अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनका कार्य हमारा पथ प्रदर्शन करता रहेगा। ओम शांति।'

सीधी : मंत्री कमलेश्वर पटेल पर, पत्रकारों से बदसलूकी करनें का गंभीर आरोप।


सीधी: कमल नाथ सरकार के मंत्री कमलेश्वर पटेल और विवादों का अब चोली दामन जैसा साथ हो गया है, पहले तत्कालीन सीधी कलेक्टर अभिषेक सिंह का स्थानांतरण का मामला, फिर कमलनाथ सरकार को समर्थन कर रहे सपा विधायक द्वारा मंत्री के रिश्वत और लिफाफे लेने का मामला और अब आज MP संदेश न्यूज़24, के संपादक कनिष्क तिवारी से बदसलूकी करनें का गंभीर आरोप लगा
है, अब तो ऐसा प्रतीत होनें लगा है की मंत्री कमलेश्वर पटेल और उनसे जुड़े विवाद एक दूसरे के पूरक हो गये है ।

बकौल कनिष्क तिवारी, आज मंत्री श्री पटेल द्वारा कानाफूसी के जरिये जो बात उनसे कही गयी वह दर्द्नाक, दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण थी। मंत्री श्री पटेल द्वारा उन्हे शब्दों की मर्यादा को लाँघते हुये उन्हे डराने और घमकानें का प्रयास किया गया ।
जब कनिष्क तिवारी और साथी पत्रकारों ने मंत्री जी से इस मसले पर पूछनें की कोशिस की गयी तो वो बिना जवाब दिये ही वहां से निकल लिये । उसके बाद पत्रकारों ने मीटिंग रखी और वरिष्ठ पत्रकारों का एक दल सर्किट हाउस पहुंच कर मंत्री जी से जब इस पर सवाल किया गया तो मन्त्री जी ने बोला की वो तो सिर्फ पत्रकार साथी से उनका हाल चाल जान रहे थे, पत्रकार उन पर मनगढंत आरोप लगा रहें और उनकी छबी को धूमिल करने का प्रयास कर रहें।

अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा की पत्रकार कनिष्क तिवारी द्वारा लगाये गये आरोपों पर मंत्री कमलेश्वर पटेल क्या प्रतिकृया देतें है ।

Thursday, 5 September 2019

कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे सपा विधायक का, मंत्री कमलेश्वर पटेल, बाला बच्चन एवं तुलसी सिलावट पर गंभीर आरोप।


भोपाल : कमलनाथ सरकार को समर्थन कर रहे समाजवादी पार्टी के विधायक राजेश शुक्ला ने कमलनाथ सरकार के मंत्रियो पर गंभीर आरोप लगाकर राजनीति गर्मा दी है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री दुकान चला रहे हैं। उन्होंने खुलकर आरोप लगाया कि बाला बच्चन, कमलेश्वर पटेल और तुलसी सिलावट समेत 12-13 मंत्री बगैर लिफाफे के काम ही नहीं करते हैं। शुक्ला ने कहा है कि यह लोग मुख्यमंत्री कमलनाथ की छवि बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।
सपा विधायक राजेश शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि मैं तो पहले ही दिन से कह रहा हूं कि कांग्रेस को कांग्रेस से ही खतरा है। मैंने कमलनाथ से निवेदन किया है कि अपने कुछ मंत्रियों पर लगाम लगाएं। कुछ मंत्री बगैर रुपए के काम ही नहीं कर रहे हैं।

कुछ मंत्री खुद को भगवान समझने लगे हैं।

पिछले सप्ताह भी जताई थी नाराजगी कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे सपा के इकलौते विधायक राजेश शुक्ला ने पिछले सप्ताह भी नाराजगी जाहिर की थी। राजेश शुक्ला ने कहा था कि सरकार के कई मंत्री और जिलों के अधिकारी विधायकों की बात नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि कुछ मंत्री तो खुद को भगवान समझने लगे हैं और विधायकों को बेइज्जत कर रहे हैं।

उमंग सिंघार से नाराज हैं शुक्ला।


शुक्ला ने वन मंत्री उमंग सिंघार के बारे में कहा था कि वे उनसे मिलने के लिए बंगले पर डेढ़ घंटे खड़े रहे, लेकिन मंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की। शुक्ला ने कहा कि अब मैं 5 साल तक उनके बंगले पर नहीं आउंगा। हालांकि राजेश शुक्ला ने कहा कि वे मुख्यमंत्री कमलनाथ से नाराज नहीं हैं। वे मंत्रियों की शिकायत को सीएम तक लेकर जाएंगे।


कमलनाथ सरकार को बाहरी विधायकों का समर्थन।

गौरतलब है कि कमलनाथ सरकार चार निर्दलीय विधायकों और समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के समर्थन पर चल रही है। इनमें से विधायक राजेश शुक्ला समाजवादी पार्टी के इकलौते विधायक हैं।

समर्थकों ने सिंधिया की मौजूदगी मे ही, पूर्व मंत्री रहीं उनकी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया के साथ की धक्का-मुक्की।


ग्वालियर : मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों सियासी घमासान मचा हुआ है। सियासी घमासान के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया दो दिनों के दौरे पर ग्वालियर पहुंचे थे। बुधवार शाम वह ग्वालियर से दिल्ली रवाना हुए। ज्योतिरादित्य सिंधिया शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हुए। उनके साथ भाजपा विधायक और शिवराज सरकार में मंत्री रहीं उनकी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया भी थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया और यशोधारा राजे सिंधिया का एक ही बोगी में रिजर्वेशन था। सिंधिया का रिजर्वेशन ई-1 में था।

स्टेशन में हुआ हंगामा ।

इस दौरान रेलवे स्टेशन पर हंगामा भी हुआ। हंगामे के कारण यशोधरा राजे सिंधिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी गुस्सा हुईं हालांकि बाद में बुआ और भतीजे दोनों एक साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दरअसल, ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को छोड़ने के लिए उनके समर्थक पहुंचे हुए थे। इसी दौरान यशोधरा राजे सिंधिया भी स्टेशन पहुंचीं थी।
ज्योतिरादित्य सिंधिया पहले ट्रेन में चढ़ गए थे। जब यशोधरा राजे सिंधिया ट्रेन में चढ़ी उस दौरान यहां मौजूद किसी कार्यकर्ताओं का यशोधरा राजे सिंधिया को धक्का लग गया। जिस कारण से यशोधारा राजे सिंधिया नाराज हो गईं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने अपनी नाराजागी ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी जताई। हांलाकि बाद में सिंधिया ने यशोधरा राजे को बोगी में बैठाया।

कार्यकर्ताओं ने मांगी माफी ।

यशोधारा राजे सिंधिया की नाराजगी के बाद कार्यकर्ता उनसे माफी मांगने लगे। माफी मांगने के बाद मामला शांत हुआ। करीब 3 मिनट तक हंगामा चला। बाद में मामला शांत हो गया और बुआ-भतीजे एक साथ दिल्ली रवाना हुए।

दो दिन के दौरे पर थे सिंधिया ।

ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार सुबह दो दिन के दौरे पर ग्वालियर पहुंचे थे। यहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस दौरान कमल नाथ सरकार पर हमला भी बोला था। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन को लेकर कमलनाथ सरकार पर हमला बोला था।

Wednesday, 4 September 2019

पूर्व CM दिग्विजय सिंह के खिलाफ बयानबाज़ी कर खबरों मे आये मंत्री उमंग सिंघार को मिला सिंधिया का साथ ।


ग्वालियर: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर लगातार हमला बोल रहे वन मंत्री उमंग सिंघार को सीएम हाउस में तलब कर सीएम कमलनाथ ने आधे घंटे तक समझाइश दी। सीएम ने सिंघार के साथ खेल मंत्री जीतू पटवारी, पंचायत मंत्री कलेश्वर पटेल, नवकरणीय उर्जा मंत्री हर्ष सिंह के साथ कांग्रेस मीडिया प्रभारी शोभा ओझा को आवास पर बुलाकर चर्चा की थी।



वहीं अब ज्योतिरादित्य सिंधिया कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार के बचाव में उतर आए हैं। सिंधिया ने प्रदेश सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि सरकार अपनी दम पर चलना चाहिए । किसी का भी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए । 

उमंग जी ने जो मुद्दे उठाए हैं, उसको सुनना चाहिए।



सिंधिया ने  मुख्यमंत्री कमलनाथ को संबोधित करते हुए कहा कि इस विषय पर दोनों पक्षों को बैठाकर समाधान निकलाना चाहिए । 15 साल की कड़ी मेहनत के बाद कांग्रेस का शासन आया है । अभी 6 महीने भी नहीं हुए हैं, ऐसे में कांग्रेस के लोगों की विकास को लेकर कई अभिलाषाएं हैं। सिंधिया ने कहा कि  मतभेद हो रहे है, मुख्यमंत्री का दायित्व है कि दोनों पक्षों को बैठाकर और उनकी सुलह कराएं।


कमलनाथ ही बने रहेंगे PCC चीफ ! सिंधिया के भारी विरोध के चलते टाली गयी नियुक्ति।


मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद को लेकर मचे घमासान और सिंधिया के भारी विरोध के बीच पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है. पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर फिलहाल कोई नई नियुक्ति नहीं की जाएगी. मौजूदा पीसीसी चीफ कमलनाथ ही इस पद पर बने रहेंगे.

सूत्रों के हवाले से ख़बर मिली है कि पीसीसी चीफ को लेकर हो रही सियासत और विवाद को देखते हुए पार्टी ने ये फैसला किया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी निकट भविष्य में मध्य प्रदेश में कोई विवाद नहीं चाहती हैं. लिहाजा पीसीसी चीफ की नियुक्ति टाल दी गई है. पार्टी हाईकमान नहीं चाहता कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए अखाड़ा बन जाए और विवाद बढ़े.

सिंधिया की दावेदारी के बाद अजय सिंह का नाम भी काफी तेजी से पीसीसी चीफ़ के लिये सामने आया था ।

दरअसल पीसीसी चीफ पद को लेकर कुछ समय से प्रदेश में ज़बरदस्त लॉबिंग चल रही थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया इस पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे. उनके समर्थक और कमलनाथ सरकार कुछ मंत्री लगातार सिंधिया को पीसीसी चीफ बनाने की मांग उठा रहे हैं. दतिया ज़िलाध्यक्ष ने अपनी मांग के समर्थन में पद से इस्तीफा भी दे दिया था. लेकिन ऐन वक़्त पर अजय सिंह का नाम सामने आनें तथा उनपर सहमति बनते देख सिंधिया समर्थकों ने विरोध और भी तेज कर दिया।
सिंधिया और अजय सिंह के अलावा दिग्विजय सिंह के साथ बाला बच्चन का नाम भी इस दौरान इस पद के लिए चर्चा में आया।

Tuesday, 3 September 2019

CM के साथ बैठक के बाद वन मंत्री ने बनाई मीडिया से दूरी ,CM ने बयानबाजी से दूर रहने की दी हिदायत।


भोपाल: मध्यप्रदेश में इन दिनों कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। जहां एक ओर पीसीसी चीफ पद के लिए कांग्रेस नेताओं के बीच ​खींचतान जारी है वहीं, दूसरी ओर वन मंत्री उमंग सिंघार द्वारा दिग्विजय सिंह पर दिए बयान को लेकर बवाल मचा हुआ है। इसी बीच दिग्विजय सिंह के खिलाफ दिए बयान को लेकर सीएम कमलनाथ ने वन मंत्री उमंग सिंघार को बातचीत के लिए बुलाया था। सीएम हाउस में दोनों के बीच इस मामले को लेकर लंबी बातचीत चली। सीएम ने मंत्री उमंग सिंघार को बयानबाजी से दूर रहने की दी हिदायत ।

वहीं, इस बैठक के बाद उमंग सिंघार मीडिया से दूरी बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बैठक के बाद उमंग सिंह मीडिया से चर्चा किए बिना ही सीएम हाउस से रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि सीएम हाउस से निकलने के बाद अपने बंगले पर नहीं पहुंचे हैं। वे रास्ते में ही गाड़ी बदलकर अज्ञात स्थान पर चले गए हैं।

गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह एक नंबर का ब्लैकमेलर बताया है, सिंगार ने कहा कि वो कौन सा धंधा है जो वो नहीं करते हैं। दिग्विजय सिंह रेत से लेकर शराब तक के कारोबार में शामिल हैं।

दिग्विजय सिंह से चर्चा के बाद CM कमलनाथ ने उमंग सिंघार को तलब किया।


भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेताओं के बीच तल्खी बढ़ती जा रही हैं। वन मंत्री उमंग सिंघार के लगाए गए आरोप से पार्टी की अंतर्कलह खुलकर सबके सामने आ गई है। वर्तमान में कांंग्रेस में दिग्विजय बनाम उमंग की राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है। दोनों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उमंग सिंघार को तलब किया है। बताया जा रहा है सीएम उनसे मिलकर लगातार ही रही बयानबाज़ी पर चर्चा करेंगे। 
दरअसल, सारा विवाद दिग्विजय सिंह के उस पत्र से उत्पन्न हुआ है जिसमें उन्होंने मंत्रियों से कामकाज का हिसाब मांगने के साथ ही मिलने का समय मांगा था। इस मसले पर वन मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा था कि उन्हें हिसाब मांगने की क्या जरूरत है वह तो परदे के पीछे सरकार चला रहे हैं। इसके बाद उन्होंने दिग्विजय की शिकायत कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी पत्र लिखकर की है। लगातार हो रही पार्टी की किरकिरी से परेशान होने के बाद अब मुख्यमंत्री ने उन्हें मंत्रालय में तलब किया है। उनकी बयानबाज़ी के बाद जब पार्टी में काफी घमासान मच गया तो उसके बाद उमंग ने कहा था कि पूरे मामले की जानकारी सीएम कमलनाथ को दूंगा।

सीएम कमलनाथ की दिग्विजय सिंह से चर्चा।

दिग्विजय सिंह दिल्ली में हैं. उन्होंने उमंग सिंघार की बयानबाज़ी के बाद पैदा हुए राजनीतिक हालात पर सीएम कमलनाथ से फोन पर चर्चा की. पूरे मामले में दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट चर्चा हुई.दिग्विजय से चर्चा के बाद सीएम कमलनाथ ने वन मंत्री उमंग सिंघार को तलब किया है।

दिग्विजय सिंह एक नंबर के ब्लैकमेलर, रेत से लेकर शराब तक हर धंधे में शामिल: उमंग सिंघार


भोपाल:  पीसीसी चीफ पद पर नई नियुक्ति के लिए खींचतान जारी है. दिग्विजय सिंह खेमे के सक्रिय होने के बाद कांग्रेस में गुटबाजी और जाादा वढ़ गई है. कमलनाथ सरकार में वन मंत्री उमंग सिंघार ने एक बार फिर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर बड़ा बयान दिया है. सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे सरकार को ब्लैकमेल कर रहे हैं. यही नहीं उमंग सिंघार का ये भी कहना है कि दिग्विजय सिंह रेत उत्खनन भी करवा करे हैं. उन्होंने दिग्विजय पर आईएएस और आईपीएस के तबादलों में दखलअंदाजी करने का भी आरोप लगाया है.

दिग्विजय पर सिंघार का बड़ा आरोप।

इससे पहले उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए कहा था कि उन्हें पत्र लिखने की क्या जरूरत है वो तो खुद पर्दे के पीछे से प्रदेश की सरकार चला रहे हैं. उमंग सिंघार ने कहा कि दिग्विजय सिंह को उन्हीं की शैली में जवाब देना जरूरी है. उमंग सिंघार ने कहा कि दिग्विजय सिंह खुद उल्टे-सीधे धंधे करा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के समय से संबंधित विभागों में जमे हुए अधिकारियों को अब तक हटाया नहीं गया है. उमंग सिंघार ने हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में परिवहन आयुक्त जैसे पद पर एक ही अधिकारी कई वर्षों से टिके हुए हैं.

सोनिया गांधी से की दिग्विजय सिंह की शिकायत।

मंत्री उमंग सिंघार ने कांग्रेस हाईकमान सोनिया गांधी को पत्र लिखकर दिग्विजय सिंह की शिकायत की है. उनका कहना है कि दिग्विजय सिंह कमलनाथ ब्लैकमेल कर रहे हैं.

MP में सिंधिया ही कांग्रेस का विसर्जन कराएंगे : जयभान सिंह पवैया का तंज।



बीजेपी के पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज कसा है. सिंधिया के धुर विरोधी जयभान सिंह पवैया ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ही एमपी में कांग्रेस का विसर्जन कराएंगे. पवैया ने राहुल गांधी पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि जैसे राहुल गांधी बीजेपी के लिए सबसे बड़े शुभंकर हैं, वैसे ही प्रदेश में अब सिंधिया बनेंगे. पवैया सिंधिया समर्थकों द्वारा ग्वालियर में लगाए गए उनके पोस्टर के मामले में पूछे गए सवाल पर मीडिया से बात कर रहे थे.

राहुल गांधी बीजेपी के सबसे बड़े शुभंकर ।


पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने एमपी में पीसीसी चीफ को लेकर चल रहे घमासान को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया पर चुटकी ली. पवैया ने कहा कि जिस तरह से राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी की जीत के लिए राहुल गांधी बीजेपी के लिए सबसे बड़े शुभंकर हैं, वैसे ही प्रदेश में अब सिंधिया बनेंगे.


सिंधिया का बनना बीजेपी के लिए खुशखबरी ।


पवैया ने कहा कि पीसीसी चीफ के लिए पोस्टरबाजी हो रही है. 70 साल पहले के मुकुट और उपाधि लेकर घूम रहे नेता को अध्यक्ष बनाने की मांग हो रही है. हम तो इंतजार कर रहे हैं कि ऐसा हो. क्योंकि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विसर्जन के लिए कोई बेहतरीन पात्र हो सकता है तो उनका नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया है. अगर ऐसा होता है तो भाजपा के लिए तो ये खुशखबरी है.

दरअसल पिछले कुछ दिनों से ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के लिए जबर्दस्त लॉबिंग कर रहे हैं. इसी क्रम में आज ग्वालियर की सड़कों पर सिंधिया के समर्थन में पोस्टर लगाए गए थे. पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया इसी मामले पर टिप्पणी कर रहे थे.

शिवपुरी में CM कमलनाथ को घुसने नहीं देंगे: सिंधिया समर्थकों का ऐलान।


भोपाल। ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन मे शुरु हुये विरोध प्रदर्शनों के क्रम में शिवपुरी में सिंधिया समर्थकों ने ऐलान किया है कि यदि 10 दिन के भीतर ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया तो सीएम कमलनाथ को शिवपुरी में घुसने नहीं देंगे। ऐलान किया कि 2 दिन बाद भोपाल में और उसके 2 दिन बाद दिल्ली में धरना देंगे। 

2 दिन बाद भोपाल में प्रदर्शन करेंगे l

कांग्रेस नेता अपल खान एवं पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सिंधिया की बदौलत सरकार बनी। अब उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी को मजबूत करना चाहिए। नेता बोले दो दिन बाद भोपाल जाएंगे और सीएम कमलनाथ से यही मांग करेंगे। उसके बाद दिल्ली जाकर हमारी नेता राष्ट्रीय अध्य्क्ष सोनिया गांधी से मिलेंगे। धरना प्रदर्शन के दौरान नेता जमकर नारेबाजी भी कर रहे थे। धरने में सिंधिया निष्ठ ही नजर आए, बाकीं और कोई कांग्रेसी नज़र नही आये ।

माधव चौक चौराहे पर धरना दिया ।

धरने में नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह, राकेश जैन अनमोल, हरिओम राठौर, राजेश बिहारी आदि नेता मौजूद रहे। बीते रोज जहां पूर्व विधायक सुरेश राठखेड़ा ने प्रदेश अध्यक्ष ना बनाए जाने पर सिंधिया के साथ रहकर इस्तीफा देने की बात कही थी तो वही सोमवार को शहर के माधव चौक चौराहे पर कांग्रेस के कई नेता धरने पर जा बैठे। इसके पहले जनपद अध्यक्ष पारम रावत ने सचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।

Monday, 2 September 2019

दिग्विजय पर कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का आरोप, मंत्री ने सोनिया को लिखा पत्र, पढ़िए वो पत्र।


भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस का झगड़ा अब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के दरवाजे तक पहुंच गया है. सूबे के वन मंत्री उमंग सिंघार ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाते हुए सोनिया गांधी से शिकायत की है ।
वन मंत्री ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह अपनी ही सरकार को अस्थिर करने की साजिश कर रहे हैं और प्रदेश में एक वैकल्पिक सत्ता केंद्र बनाने की फिराक में हैं.

सत्ता का केंद्र बने दिग्विजय।

सीधी CHRONICLE को पत्र के बारे में जो जानकारी मिली है जिसमें मंत्री लिखते हैं, 'काफी दुख के साथ मैं इसे आपके संज्ञान में ला रहा हूं कि दिग्विजय सिंह खुद को वैकल्पिक सत्ता केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश करते हुए कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं. वे लगातार मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों को पत्र लिख रहे हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर जारी कर रहे हैं. ऐसा करके वे विपक्षी बीजेपी को सरकार पर हमला करने के लिए गोला-बारूद मुहैया करा रहे हैं.'  

मंत्री पत्र में आगे लिखते हैं, 'शुक्रवार 30 अगस्त को दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों को एक ऐसा ही पत्र लिखकर उनकी ओर से किए गए तबादलों और पोस्टिंग की सिफारिशों पर कार्रवाई के बारे में स्पष्टीकरण मांगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर भी पत्र जारी किया. इसके बाद विपक्षी बीजेपी ने इस अवसर को लपक लिया और सरकार पर हमला करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं.'

घोटालों की जांच की मांग।

दिग्विजय सिंह के पत्र का वन मंत्री ने क्या जवाब दिया? पत्रकारों के इस सवाल पर मंत्री ने कहा, 'प्रदेश का हर व्यक्ति इसके बारे में जानता है. सरकार और विपक्ष में भी हर व्यक्ति यह जानता है कि दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं, तब उन्हें पत्र लिखने की क्या जरूरत है.'
वन मंत्री ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह व्यापमं घोटाला, टेंडर घोटाला और पौधरोपण घोटाला जैसे मामले काफी उछाल रहे हैं और मुख्यमंत्री कमलनाथ से इसकी जांच की मांग कर रहे हैं लेकिन वे सिंहस्थ या उज्जैन कुंभ मेला घोटाले की रत्ती भर बात नहीं करते.
वन मंत्री ने कहा, 'सिंहस्थ घोटाला उनके बेटे जयवर्धन सिंह के शहरी प्रशासन विभाग की देन है. जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में इस बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि उज्जैन कुंभ में कोई घोटाला नहीं हुआ, जबकि तब विपक्ष में रही कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था.'
मध्य प्रदेश में दिग्विजय खेमे और कमलनाथ खेमे के बीच मनमुटाव जाहिर है लेकिन हाल के दिनों में इसमें काफी तेजी देखी जा रही है. दिग्विजय सिंह कई दफे अपनी ही सरकार को मुश्किल में डालते दिखते हैं.

Sunday, 1 September 2019

पर्दे के पीछे से सरकार चला रहें हैं दिग्विजय सिंह : वन मंत्री उमंग सिंगार


धार: वन मंत्री उमंग सिंगार ने दिग्विजय सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया है। दिग्विजय सिंह द्वारा पत्र लिखकर वक्त मांगने पर उन्होने कहा है कि दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं, प्रदेश की जनता को मालूम है। उन्होने कहा कि प्रदेश के मंत्रियों, विधायकों को मालूम है सरकार कौन चला रहा है। ​दिग्विजय सिंह को पत्र लिखने की क्या जरूरत है। उन्होने रिपीट किया कि प्रदेश में सरकार कौन चला रहा है कौन नहीं चला रहा सबको मालूम है। जाहिर है वन मंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से दिग्विजय ​सिंह द्वारा सरकार चलाने की बात कह रहे हैं।

बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रियों को पत्र लिखकर तबादलों और अन्य कार्यों के बारे में लिखे गए उनके पत्रों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश भाजपा ने कहा कि दिग्विजय के पत्र से मालूम होता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश कांग्रेस सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

इस पत्र की पुष्टि करते हुए प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व विभाग के मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा, दिग्विजय सिंह जी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। अगर वह अपने पत्र पर कार्रवाई के बारे में जानना चाहते हैं तो इसमें क्या गलत है। राजपूत ने कहा, न केवल दिग्विजय सिंह जी, बल्कि सभी नेता और मंत्री उनके द्वारा लिखे गए पत्रों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानना चाहते हैं।