Sunday, 8 September 2019

वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन।


सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 वर्ष की उम्र में रविवार को उनके दिल्ली स्थित आवास पर निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। जेठमलानी की गिनती देश के मशहूर आपराधिक मामलों के वकीलों में होती थी। वह राष्ट्रीय जनता दल से वर्तमान में राज्यसभा सांसद थे। उन्हें राजद ने 2016 में राज्यसभा भेजा था। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कानून मंत्री का पदभार संभाला था। उनके निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने शोक व्यक्त किया है।

दो बार मुंबई लोकसभा सीट से भाजपा सांसद चुने गए। हालांकि 2004 में उन्होंने अटल बिहारी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। उनका जन्म पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 14 सितंबर 1923 को हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया था। वह कोर्ट में बिना माइक के जिरह किया करते थे। वह अपने मुकदमों के अलावा अपने बयानों के कारण भी अक्सर चर्चा में रहते थे।

आज शाम को लोधी रोड पर होगा अंतिम संस्कार
जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने बताया कि जेठमलानी ने नई दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास में सुबह पौने आठ बजे अंतिम सांस ली। महेश और उनके अन्य निकट संबंधियों ने बताया कि उनकी तबियत कुछ महीनों से ठीक नहीं थी। उनके बेटे ने बताया कि कुछ दिन बाद 14 सितंबर को राम जेठमलानी का 96वां जन्मदिन आने वाला था। महेश ने बताया कि उनके पिता का अंतिम सरकार यहां लोधी रोड स्थित शवदाहगृह में शाम को किया जाएगा।

राष्ट्रपति ने जाताया शोक
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जेठमलानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, 'पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक अनुभवी वकील श्री राम जेठमलानी के निधन से दुखी हूं। वह अपनी विशिष्ट वाक्पटुता के साथ सार्वजनिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जाने जाते थे। राष्ट्र ने एक प्रतिष्ठित न्यायविद्, विद्वान और बुद्धिमान व्यक्ति खो दिया।'

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ट वकील को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'राम जेठमलानी के सबसे अच्छे पहलुओं में से एक उनकी अपने मन की बात कहने की क्षमता थी। वह ऐसा बिना किसी डर के करते थे। आपातकाल के काले दिनों के दौरान उन्हें   स्वतंत्रता और लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए याद किया जाएगा। जरूरतमंदों की मदद करना उनके व्यक्तित्व का एक अभिन्न हिस्सा था। मैं खुद के भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे उनसे मुलाकात करने के कई मौके मिले। इस दुखद क्षण में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और प्रियजनों के साथ हैं। वह बेशक अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनका कार्य हमारा पथ प्रदर्शन करता रहेगा। ओम शांति।'

सीधी : मंत्री कमलेश्वर पटेल पर, पत्रकारों से बदसलूकी करनें का गंभीर आरोप।


सीधी: कमल नाथ सरकार के मंत्री कमलेश्वर पटेल और विवादों का अब चोली दामन जैसा साथ हो गया है, पहले तत्कालीन सीधी कलेक्टर अभिषेक सिंह का स्थानांतरण का मामला, फिर कमलनाथ सरकार को समर्थन कर रहे सपा विधायक द्वारा मंत्री के रिश्वत और लिफाफे लेने का मामला और अब आज MP संदेश न्यूज़24, के संपादक कनिष्क तिवारी से बदसलूकी करनें का गंभीर आरोप लगा
है, अब तो ऐसा प्रतीत होनें लगा है की मंत्री कमलेश्वर पटेल और उनसे जुड़े विवाद एक दूसरे के पूरक हो गये है ।

बकौल कनिष्क तिवारी, आज मंत्री श्री पटेल द्वारा कानाफूसी के जरिये जो बात उनसे कही गयी वह दर्द्नाक, दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण थी। मंत्री श्री पटेल द्वारा उन्हे शब्दों की मर्यादा को लाँघते हुये उन्हे डराने और घमकानें का प्रयास किया गया ।
जब कनिष्क तिवारी और साथी पत्रकारों ने मंत्री जी से इस मसले पर पूछनें की कोशिस की गयी तो वो बिना जवाब दिये ही वहां से निकल लिये । उसके बाद पत्रकारों ने मीटिंग रखी और वरिष्ठ पत्रकारों का एक दल सर्किट हाउस पहुंच कर मंत्री जी से जब इस पर सवाल किया गया तो मन्त्री जी ने बोला की वो तो सिर्फ पत्रकार साथी से उनका हाल चाल जान रहे थे, पत्रकार उन पर मनगढंत आरोप लगा रहें और उनकी छबी को धूमिल करने का प्रयास कर रहें।

अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा की पत्रकार कनिष्क तिवारी द्वारा लगाये गये आरोपों पर मंत्री कमलेश्वर पटेल क्या प्रतिकृया देतें है ।

Thursday, 5 September 2019

कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे सपा विधायक का, मंत्री कमलेश्वर पटेल, बाला बच्चन एवं तुलसी सिलावट पर गंभीर आरोप।


भोपाल : कमलनाथ सरकार को समर्थन कर रहे समाजवादी पार्टी के विधायक राजेश शुक्ला ने कमलनाथ सरकार के मंत्रियो पर गंभीर आरोप लगाकर राजनीति गर्मा दी है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री दुकान चला रहे हैं। उन्होंने खुलकर आरोप लगाया कि बाला बच्चन, कमलेश्वर पटेल और तुलसी सिलावट समेत 12-13 मंत्री बगैर लिफाफे के काम ही नहीं करते हैं। शुक्ला ने कहा है कि यह लोग मुख्यमंत्री कमलनाथ की छवि बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।
सपा विधायक राजेश शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि मैं तो पहले ही दिन से कह रहा हूं कि कांग्रेस को कांग्रेस से ही खतरा है। मैंने कमलनाथ से निवेदन किया है कि अपने कुछ मंत्रियों पर लगाम लगाएं। कुछ मंत्री बगैर रुपए के काम ही नहीं कर रहे हैं।

कुछ मंत्री खुद को भगवान समझने लगे हैं।

पिछले सप्ताह भी जताई थी नाराजगी कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे सपा के इकलौते विधायक राजेश शुक्ला ने पिछले सप्ताह भी नाराजगी जाहिर की थी। राजेश शुक्ला ने कहा था कि सरकार के कई मंत्री और जिलों के अधिकारी विधायकों की बात नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि कुछ मंत्री तो खुद को भगवान समझने लगे हैं और विधायकों को बेइज्जत कर रहे हैं।

उमंग सिंघार से नाराज हैं शुक्ला।


शुक्ला ने वन मंत्री उमंग सिंघार के बारे में कहा था कि वे उनसे मिलने के लिए बंगले पर डेढ़ घंटे खड़े रहे, लेकिन मंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की। शुक्ला ने कहा कि अब मैं 5 साल तक उनके बंगले पर नहीं आउंगा। हालांकि राजेश शुक्ला ने कहा कि वे मुख्यमंत्री कमलनाथ से नाराज नहीं हैं। वे मंत्रियों की शिकायत को सीएम तक लेकर जाएंगे।


कमलनाथ सरकार को बाहरी विधायकों का समर्थन।

गौरतलब है कि कमलनाथ सरकार चार निर्दलीय विधायकों और समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के समर्थन पर चल रही है। इनमें से विधायक राजेश शुक्ला समाजवादी पार्टी के इकलौते विधायक हैं।

समर्थकों ने सिंधिया की मौजूदगी मे ही, पूर्व मंत्री रहीं उनकी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया के साथ की धक्का-मुक्की।


ग्वालियर : मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों सियासी घमासान मचा हुआ है। सियासी घमासान के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया दो दिनों के दौरे पर ग्वालियर पहुंचे थे। बुधवार शाम वह ग्वालियर से दिल्ली रवाना हुए। ज्योतिरादित्य सिंधिया शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हुए। उनके साथ भाजपा विधायक और शिवराज सरकार में मंत्री रहीं उनकी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया भी थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया और यशोधारा राजे सिंधिया का एक ही बोगी में रिजर्वेशन था। सिंधिया का रिजर्वेशन ई-1 में था।

स्टेशन में हुआ हंगामा ।

इस दौरान रेलवे स्टेशन पर हंगामा भी हुआ। हंगामे के कारण यशोधरा राजे सिंधिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी गुस्सा हुईं हालांकि बाद में बुआ और भतीजे दोनों एक साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दरअसल, ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को छोड़ने के लिए उनके समर्थक पहुंचे हुए थे। इसी दौरान यशोधरा राजे सिंधिया भी स्टेशन पहुंचीं थी।
ज्योतिरादित्य सिंधिया पहले ट्रेन में चढ़ गए थे। जब यशोधरा राजे सिंधिया ट्रेन में चढ़ी उस दौरान यहां मौजूद किसी कार्यकर्ताओं का यशोधरा राजे सिंधिया को धक्का लग गया। जिस कारण से यशोधारा राजे सिंधिया नाराज हो गईं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने अपनी नाराजागी ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी जताई। हांलाकि बाद में सिंधिया ने यशोधरा राजे को बोगी में बैठाया।

कार्यकर्ताओं ने मांगी माफी ।

यशोधारा राजे सिंधिया की नाराजगी के बाद कार्यकर्ता उनसे माफी मांगने लगे। माफी मांगने के बाद मामला शांत हुआ। करीब 3 मिनट तक हंगामा चला। बाद में मामला शांत हो गया और बुआ-भतीजे एक साथ दिल्ली रवाना हुए।

दो दिन के दौरे पर थे सिंधिया ।

ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार सुबह दो दिन के दौरे पर ग्वालियर पहुंचे थे। यहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस दौरान कमल नाथ सरकार पर हमला भी बोला था। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन को लेकर कमलनाथ सरकार पर हमला बोला था।

Wednesday, 4 September 2019

पूर्व CM दिग्विजय सिंह के खिलाफ बयानबाज़ी कर खबरों मे आये मंत्री उमंग सिंघार को मिला सिंधिया का साथ ।


ग्वालियर: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर लगातार हमला बोल रहे वन मंत्री उमंग सिंघार को सीएम हाउस में तलब कर सीएम कमलनाथ ने आधे घंटे तक समझाइश दी। सीएम ने सिंघार के साथ खेल मंत्री जीतू पटवारी, पंचायत मंत्री कलेश्वर पटेल, नवकरणीय उर्जा मंत्री हर्ष सिंह के साथ कांग्रेस मीडिया प्रभारी शोभा ओझा को आवास पर बुलाकर चर्चा की थी।



वहीं अब ज्योतिरादित्य सिंधिया कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार के बचाव में उतर आए हैं। सिंधिया ने प्रदेश सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि सरकार अपनी दम पर चलना चाहिए । किसी का भी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए । 

उमंग जी ने जो मुद्दे उठाए हैं, उसको सुनना चाहिए।



सिंधिया ने  मुख्यमंत्री कमलनाथ को संबोधित करते हुए कहा कि इस विषय पर दोनों पक्षों को बैठाकर समाधान निकलाना चाहिए । 15 साल की कड़ी मेहनत के बाद कांग्रेस का शासन आया है । अभी 6 महीने भी नहीं हुए हैं, ऐसे में कांग्रेस के लोगों की विकास को लेकर कई अभिलाषाएं हैं। सिंधिया ने कहा कि  मतभेद हो रहे है, मुख्यमंत्री का दायित्व है कि दोनों पक्षों को बैठाकर और उनकी सुलह कराएं।


कमलनाथ ही बने रहेंगे PCC चीफ ! सिंधिया के भारी विरोध के चलते टाली गयी नियुक्ति।


मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद को लेकर मचे घमासान और सिंधिया के भारी विरोध के बीच पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है. पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर फिलहाल कोई नई नियुक्ति नहीं की जाएगी. मौजूदा पीसीसी चीफ कमलनाथ ही इस पद पर बने रहेंगे.

सूत्रों के हवाले से ख़बर मिली है कि पीसीसी चीफ को लेकर हो रही सियासत और विवाद को देखते हुए पार्टी ने ये फैसला किया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी निकट भविष्य में मध्य प्रदेश में कोई विवाद नहीं चाहती हैं. लिहाजा पीसीसी चीफ की नियुक्ति टाल दी गई है. पार्टी हाईकमान नहीं चाहता कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए अखाड़ा बन जाए और विवाद बढ़े.

सिंधिया की दावेदारी के बाद अजय सिंह का नाम भी काफी तेजी से पीसीसी चीफ़ के लिये सामने आया था ।

दरअसल पीसीसी चीफ पद को लेकर कुछ समय से प्रदेश में ज़बरदस्त लॉबिंग चल रही थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया इस पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे. उनके समर्थक और कमलनाथ सरकार कुछ मंत्री लगातार सिंधिया को पीसीसी चीफ बनाने की मांग उठा रहे हैं. दतिया ज़िलाध्यक्ष ने अपनी मांग के समर्थन में पद से इस्तीफा भी दे दिया था. लेकिन ऐन वक़्त पर अजय सिंह का नाम सामने आनें तथा उनपर सहमति बनते देख सिंधिया समर्थकों ने विरोध और भी तेज कर दिया।
सिंधिया और अजय सिंह के अलावा दिग्विजय सिंह के साथ बाला बच्चन का नाम भी इस दौरान इस पद के लिए चर्चा में आया।

Tuesday, 3 September 2019

CM के साथ बैठक के बाद वन मंत्री ने बनाई मीडिया से दूरी ,CM ने बयानबाजी से दूर रहने की दी हिदायत।


भोपाल: मध्यप्रदेश में इन दिनों कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। जहां एक ओर पीसीसी चीफ पद के लिए कांग्रेस नेताओं के बीच ​खींचतान जारी है वहीं, दूसरी ओर वन मंत्री उमंग सिंघार द्वारा दिग्विजय सिंह पर दिए बयान को लेकर बवाल मचा हुआ है। इसी बीच दिग्विजय सिंह के खिलाफ दिए बयान को लेकर सीएम कमलनाथ ने वन मंत्री उमंग सिंघार को बातचीत के लिए बुलाया था। सीएम हाउस में दोनों के बीच इस मामले को लेकर लंबी बातचीत चली। सीएम ने मंत्री उमंग सिंघार को बयानबाजी से दूर रहने की दी हिदायत ।

वहीं, इस बैठक के बाद उमंग सिंघार मीडिया से दूरी बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बैठक के बाद उमंग सिंह मीडिया से चर्चा किए बिना ही सीएम हाउस से रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि सीएम हाउस से निकलने के बाद अपने बंगले पर नहीं पहुंचे हैं। वे रास्ते में ही गाड़ी बदलकर अज्ञात स्थान पर चले गए हैं।

गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह एक नंबर का ब्लैकमेलर बताया है, सिंगार ने कहा कि वो कौन सा धंधा है जो वो नहीं करते हैं। दिग्विजय सिंह रेत से लेकर शराब तक के कारोबार में शामिल हैं।